UP Assembly Elections: UP चुनाव से ठीक पहले धर्मांतरण रैकेट पर तगड़ी चोट कर रही योगी सरकार…जानिए, क्‍या है इसके मायने?

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लखनऊ
उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ धर्म परिवर्तन के मामलों पर लगातार सख्‍त रुख दिखा रहे हैं। राज्‍य में बढ़ते ऐसे मामलों को देखते हुए गैर कानूनी धर्मांतरण विधेयक-2020 पास कर कानून बनाया जा चुका है। इस साल जून में लखनऊ पुलिस ने देश भर में 1 हजार से ज्‍यादा लोगों का धर्म परिवर्तन करवा चुके दो मौलानाओं मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर को अरेस्‍ट किया। इन लोगों ने नौकरी, शादी और पैसे का लालच देकर अपने मंसूबे कामयाब किए। और अब मेरठ से एक और मौलाना कलीम सिद्दीकी को पकड़ा गया है। बताया जा रहा है कि इस्‍लामिक स्‍कॉलर सिद्दीकी को अवैध धर्मांतरण के लिए विदेश से करीब 3 करोड़ रुपये की फंडिंग हुई थी। यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं और चुनावों से ठीक पहले पहले धर्मांतरण के ‘खेल’ में जुटे लोगों पर नकेल कस योगी सरकार ने जनता के बीच कड़ा संदेश देने की कोशिश की है।

हम सब जानते हैं कि भारतीय जनता पार्टी हिंदुत्‍व के मुद्दे पर लगातार मुखर रही है। अयोध्‍या में बन रहा भव्‍य राम मंदिर बीजेपी के चुनावी एजेंडे में प्रमुखता से शामिल है। हिंदुत्‍व का झंडा लेकर चलने वाली इस पार्टी को पता है कि अवैध तरीके से धर्म परिवर्तन करने वालों पर ऐक्‍शन लेकर किस तरह चुनावी फिजा बनाई जा सकती है। खुद मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ धर्मांतरण के मुद्दे पर अपने कड़े विचार जाहिर कर चुके हैं। योगी का कहना है कि यह सिर्फ जबरन धर्म परिवर्तन का मुद्दा नहीं है बल्कि राष्‍ट्रीय सुरक्षा का मसला है। यही वजह रही कि पिछले साल विधानसभा में बाकायदा विधेयक पास करवा कर कड़ा कानून बना दिया गया है। इस कानून के तहत अब तक सैकड़ों आरोपी पकड़े जा चुके हैं।

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विपक्ष को पता है कि कैसे बीजेपी भुना सकती है धर्मांतरण का मुद्दा
धर्मांतरण के मुद्दे को किस तरह बीजेपी यूपी चुनावों में भुना सकती है, विपक्षी पार्टियों को इसका पूरा आभास है। यही वजह है कि मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी के बाद सभी दल योगी आदित्‍यनाथ सरकार पर टूट पड़े हैं। सपा, बसपा के साथ आम आदमी पार्टी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। आप नेता अमानतुल्लाह खान ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले अब मशहूर इस्लामिक स्कॉलर मौलाना कलीम सिद्दीकी साहब को गिरफ्तार किया गया है, मुसलमानों पर अत्याचार बढ़ता जा रहा है। इन मुद्दों पर सेक्यूलर पार्टियों की खामोशी बीजेपी को और मज़बूती दे रही है। यूपी चुनाव जीतने के लिए बीजेपी आखिर और कितना गिरेगी?’

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सपा और बसपा ने करार दिया चुनावी हथकंडा
समाजवादी पार्टी से सांसद शफीकुर रहमान बरक ने भी योगी सरकार पर मुसलमानों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मौलाना की गिरफ्तारी गलत है। बीजेपी सरकार के पास मुसलमानों को परेशान करने के अलावा कोई काम नहीं। वहीं, बसपा सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने इस गिरफ्तारी को चुनावी हथकंडा बताया है। उन्होंने कहा, ‘हजरत मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी बीजेपी का यूपी विधानसभा चुनाव जीतने का हथकंडा है। जनता की नाराजगी से परेशान बीजेपी लोगों में डर खौफ दहशत का माहौल पैदा करके, समाज को बांटकर चुनाव जीतना चाहती है। बीजेपी अपने नफरत के अजेंडे को तत्काल रोककर मौलाना कलीम सिद्दीकी को रिहा करे।’

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मौलाना कलीम के मदरसे में पढ़ते हैं 300 बच्‍चे
बुधवार को मेरठ से पकड़े गए मौलाना कलीम सिद्दीकी मुजफ्फरनगर के फूलत गांव के रहने वाले हैं। मदरसा जामिया इमाम वलीउल्लाह इस्लामिया के प्रबंधक मौलाना कलीम सिद्दीकी से मदरसों में खाड़ी देशों से फंडिंग की जानकारी मिली हैं। इनमें सऊदी अरब और यूएई आदि देश शामिल हैं। मौलाना ने इन देशों की यात्रा की भी हैं। मौलाना इस मदरसे की 1987 में देखभाल कर रहे हैं। मौलाना का परिवार करीब 15 साल से दिल्ली में शाहीन बाग में रहता हैं। उनके मदरसे में दिल्ली, बिहार, राजस्थान हरियाणा, पंजाब, गुजरात आदि राज्यों के 300 से ज्यादा बच्चे रहकर पढ़ते हैं। फिलहाल मदरसे से ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही हैं। कई राज्यों में उनके मदरसे की शाखा हैं।

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1000 से ज्‍यादा लोगों का बदलवा चुके धर्म
इसके पहले जून में पकड़े गए मौलाना उमर और मुफ्ती काजी जहांगीर दिल्ली के जामिया नगर से अपना धर्मांतरण रैकेट चला रहे थे। ये लोग इस्लामिक दावाह सेंटर नामक एक संस्था के जरिए पूरा नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। एटीएस की एफआईआर में इस संस्था के चेयरमैन को भी नामजद किया गया था। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य गैर-मुस्लिमों का धर्म परिवर्तन कराना है। इस काम के लिए इसके व इसकी संस्था के बैंक खातों में कई माध्यमों से भी लाखों की रकम आने के साक्ष्य एटीएस को मिले हैं। एटीएस को विदेशों से भी फंडिंग होने के साक्ष्य मिले हैं। इस रैकेट के जरिए इन सभी राज्यों में 1000 से ज्यादा लोगों का धर्म परिवर्तन कराए जाने के दस्तावेज एटीएस के हाथ लगे हैं। यूपी में ये लोग नोएडा, वाराणसी, कानपुर, मथुरा, गाजियाबाद और अन्य जिलों में सक्रिय थे।



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